जयपुर, मार्च 20 -- इस साल ईद-उल-फितर का त्योहार, जो आमतौर पर खुशियों, मेल-मिलाप और जश्न का प्रतीक माना जाता है, शिया समुदाय के लिए ग़म और सादगी के माहौल में बीतेगा। राजस्थान सहित देशभर के शिया समाज ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है कि वे इस बार किसी भी तरह का उत्सव नहीं मनाएंगे। समुदाय का यह फैसला ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई के निधन और मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के विरोध के रूप में देखा जा रहा है।नए कपड़े और मिठाइयों से दूरी जयपुर की आमेर रोड स्थित शिया जामा मस्जिद के इमाम सैयद नाजिश अकबर काजमी के अनुसार, इस बार ईद पर न तो घरों में पारंपरिक मीठे पकवान बनेंगे और न ही लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देंगे। उन्होंने बताया कि यह निर्णय केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के शिया समुदाय द्वारा लिया गया सामूहिक...