राजस्थान में पन्नाधाय की जाति पर क्यों छिड़ा विवाद? सरकारी किताब पर गुर्जर समाज का एतराज, क्या मामला
उदयपुर, अगस्त 1 -- राजस्थान की वीरभूमि मेवाड़ में त्याग, बलिदान और मातृत्व की सबसे बड़ी प्रतीक मानी जाने वाली धाय मां पन्नाधाय की जातीय पहचान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। उदयपुर में गुर्जर समाज ने भारत सरकार के प्रकाशन विभाग की पुस्तक 'भारत के नारी रत्न' में पन्नाधाय को 'खीची राजपूत वंश की क्षत्राणी' बताए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। समाज का कहना है कि इससे राजस्थान के इतिहास और मेवाड़ की विरासत से जुड़े तथ्यों के साथ छेड़छाड़ हुई है। यह विवाद अब केवल एक किताब तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के इतिहास, मेवाड़ की विरासत और पन्नाधाय की ऐतिहासिक पहचान को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।आखिर विवाद की शुरुआत कैसे हुई? भारत सरकार के प्रकाशन विभाग की ओर से वर्ष 2022 में प्रकाशित 'भारत के नारी रत्न' (आठवां संस्करण) के पेज नंबर-8 पर पन्नाधाय क...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.