जयपुर, दिसम्बर 22 -- राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज, सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज में इन दिनों एक अनोखा प्रयोग चल रहा है। नाम ट्रॉपिकल मेडिसिन डिपार्टमेंट का है, लेकिन पढ़ाई, एग्जाम और थीसिस-सब कुछ जनरल मेडिसिन के भरोसे। आरोप है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की गाइडलाइन को किनारे रखकर विभाग का संचालन किया जा रहा है, और असली फैकल्टी को दर्शक बना दिया गया है। डिपार्टमेंट को NMC और RUHS से विधिवत मंजूरी मिली हुई है, स्ट्रक्चर भी क्लीयर है। फिर भी फैकल्टी और स्टूडेंट्स असमंजस में हैं-क्योंकि जिन प्रोफेसरों के नाम पर डिपार्टमेंट चल रहा है, वही एग्जाम और थीसिस से बाहर कर दिए गए। पिछले महीने ट्रॉपिकल मेडिसिन डिपार्टमेंट में PG फाइनल और सेकेंड सेमेस्टर के प्रैक्टिकल एग्जाम हुए। यूनिवर्सिटी की ओर से बाहरी एग्जामिनर नियुक्त थे, लेकिन जब...