नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में दर्ज कुछ नाम वर्षों से बच्चों के लिए हंसी, शर्मिंदगी और कई बार मानसिक असहजता का कारण बनते रहे हैं। लेकिन अब ऐसे नामों की कहानी बदलने वाली है। राज्य शिक्षा विभाग ने एक अनोखी और संवेदनशील पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत छात्र अपने "अटपटे और अर्थहीन" नामों को बदलकर नया, सार्थक और सम्मानजनक नाम चुन सकेंगे। इस अभियान को नाम दिया गया है सार्थक नाम अभियान', और इसका उद्देश्य सिर्फ नाम बदलना नहीं, बल्कि बच्चों की पहचान को अधिक सकारात्मक और आत्मविश्वास से जोड़ना है।2950 नामों की सूची तैयार, अर्थ भी समझाए जाएंगे शिक्षा विभाग ने इस अभियान के तहत करीब 2950 नामों की एक विस्तृत सूची तैयार की है। इनमें 1541 छात्राओं और 1409 छात्रों के नाम शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में केवल नाम ही नही...