नई दिल्ली, फरवरी 17 -- बिहार के मोतिहारी से करीब एक हजार किलोमीटर दूर राजस्थान की औद्योगिक नगरी में बेहतर भविष्य की तलाश में आए सात मजदूरों की जिंदगी एक भीषण धमाके ने छीन ली। खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में रेडिमेड गारमेंट फैक्ट्री की आड़ में चल रही अवैध पटाखा यूनिट में हुए विस्फोट के बाद हालात इतने भयावह हैं कि शवों की पहचान भी संभव नहीं हो पा रही। अब मृतकों की शिनाख्त डीएनए और दांतों के सैंपल के जरिए की जाएगी।30 हजार की नौकरी का सपना, डेढ़ महीने में खत्म जानकारी के मुताबिक सभी मजदूर बिहार के मोतिहारी इलाके के रहने वाले थे। करीब डेढ़ महीने पहले ही उन्होंने यहां काम शुरू किया था। उन्हें 30 हजार रुपये महीने की सैलरी का लालच दिया गया था। परिवारों को उम्मीद थी कि बेटे-भाई की कमाई से घर की किस्मत बदलेगी, लेकिन नियति ने कुछ और ही तय कर रखा था। म...