अररिया, मार्च 9 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। कभी राजशाही तो कभी लोकशाही के जंग में कराहते नेपाल पर वर्तमान संसदीय चुनाव परिणाम ने एक तरह से विराम लगा दिया है। नेपाल की ताजा संसदीय चुनावी तस्वीर ने देश की राजनीति को एक स्पष्ट संदेश दिया है जहां राजशाही की वापसी की मांग अब राष्ट्रीय राजनीति की मुख्य धारा से लगभग बाहर होती दिखाई दे रही है। लंबे समय से समय-समय पर उठती रही राजतंत्र बहाली की मांग को इस चुनाव में मतदाताओं ने निर्णायक रूप से खारिज कर दिया। चुनाव परिणामों ने यह भी संकेत दिया कि नेपाल की जनता अब गणतांत्रिक व्यवस्था को ही स्थायी राजनीतिक ढांचे के रूप में स्वीकार कर चुकी है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह चुनाव परिणाम राजतंत्र की वापसी की संभावना को पहले की तुलना में और अधिक कमजोर कर दिया है, भले ही सीमित स्तर पर राजतंत्र समर्थक भावन...