मुजफ्फर नगर, जुलाई 7 -- चुनावी रंजिश में किसान की हत्या को फांसी सुनाने वाले न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपने जजमेंट में गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ग्राम प्रधान का चुनाव लोकतंत्र की सबसे बुनियादी ईकाई में जनप्रतिनिधि को चुनने की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य जनसेवा व गांव का विकास है न कि व्यक्गित दुश्मनी, भय अथवा हिंसा को जन्म देना है। यह केवल एक व्यक्ति के जीवन का अंत नही करती, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता और विधि के शासन पर गंभीर आघात पहुंचाती है। न्यायाधीश ने कहा कि राजनैतिक प्रतिशोध अथवा प्रभाव स्थापति करने के उद्देश्य से किए गए अपराधों के प्रति विधि के अनुसार कठोर एवं निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाकर विधि के शासन में जनता का विश्वास बनाए रखे। ऐसे में न्यायालय का दायित्व है कि अपराधी को कठोर से कठोर सजा सुनाई जाए। ताकि अन्य...