संतकबीरनगर, सितम्बर 5 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए स्थापित पोषण पुनर्वास केंद्र राजनीति का अखाड़ा बन गया है। अस्पताल के कर्मचारी डाक्टर को मरीजों की रिपोर्ट देने के लिए तैयार नहीं हैं। मरीज आ जाए तो वार्ड में भर्ती करना नहीं चाहते हैं और तो और रात में बीमार बच्चों को इतना परेशान किया जाता है कि वह वार्ड से भागने के लिए मजबूर हो जाता है। अंत में अस्पताल प्रशासन मरीज को लामा में दर्ज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेता है। यह भी पढ़ें- Dhanbad News: टुंडी एमटीसी में कुपोषित बच्चों को खदेड़ देते हैं स्वास्थ्य कर्मीडॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के बीच के विवाद जिला अस्पताल का पैरामेडिकल स्टाफ डा. श्रेया सिंह के साथ काम नहीं करना चाहता है। इसकी वजह है कि उनकी मौजूदगी में मरीजों का इलाज करना पड़ता है और बेड-टू-बेड दव...