नई दिल्ली, मार्च 11 -- योगेंद्र नारायण, पूर्व महासचिव, राज्यसभा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध भी महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। अगर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ऐसा कोई प्रस्ताव लाया जाता है, तो यह भारतीय इतिहास की पहली घटना होगी। बहरहाल, इस पूरे प्रकरण ने महाभियोग व अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रियाओं को लेकर नए सिरे से बहस खड़ी कर दी है। सवाल यह भी है कि क्या अब महज राजनीतिक हथियार के रूप में इनका इस्तेमाल होने लगा है? भारतीय संविधान में राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और सर्वोच्च व उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के लिए महाभियोग का प्रावधान किया गया है। इसके लिए प्रक्रि...
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