हल्द्वानी, जुलाई 31 -- हल्द्वानी। दिल्ली के छात्र-युवा आंदोलन के बाद उत्तराखंड की चुनावी राजनीति का फोकस तेजी से 'जेन-जी' (14 से 29 साल) की ओर मुड़ गया है। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा, कांग्रेस, यूकेडी समेत सभी प्रमुख दल युवाओं तक पहुंचने की रणनीति बदल रहे हैं। बड़े मंचों और लंबी रैलियों की जगह अब लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, जिम, खेल मैदान, स्टार्टअप हब और कॉफी कैफे राजनीतिक संवाद के नए केंद्र बनते दिख रहे हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद युवाओं के मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता और बढ़ी है। राजनीतिक दलों का आकलन है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय जेन-जी केवल भाषण नहीं, बल्कि रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाएं, पारदर्शी भर्ती, शिक्षा, स्टार्टअप, पलायन, नशामुक्ति और डिजिटल अवसरों पर ठोस जवाब चाहती है। इसी कारण अब छोटे-छोटे संवाद कार्यक्रमों, युवा बैठकों...