नई दिल्ली, जनवरी 24 -- प्रोटोकॉल जरूरी भाजपा में नए निजाम के साथ कई चीजें बदल रही हैं। इसमें सबसे अहम है प्रोटोकॉल का पालन। नेता भले ही वरिष्ठ हों, लेकिन पद जिसका बड़ा है, उसका ही प्रोटोकॉल निभाना होगा। अभी तो पार्टी में युवा अध्यक्ष ही आए हैं, लेकिन अब जो नई टीम बनेगी उनमें भी कई युवा चेहरें होंगे। ऐसे में तमाम वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी के साथ उनके पद के अनुसार ही सार्वजनिक रूप से व्यवहार करना होगा। भले ही पूर्व में किसकी क्या स्थिति थी, इससे कोई मतलब नहीं होगा। ऐसे में कई वरिष्ठ नेता जो अभी पद पर हैं और जिनको लगता है कि वह अब नहीं रहेंगे, दूसरे जुगाड़ में लग गए हैं। जो सांसद हैं वह सरकार में जुगाड़ पाने में लगे हैं और कुछ दूसरे दायित्व खोज रहे हैं। इनको डर यह है कि कहीं गाहे-बगाहे प्रोटोकॉल में कुछ गड़बड़ हो गई तो दिक्...
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