नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- हार की दुआ राजनीति में आमतौर पर नेता और उनके करीबी चुनाव लड़ने और जीतने के लिए दुआएं मांगते हैं लेकिन, हाल में विधानसभा चुनाव में एक ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिनके करीबी उनके न जीतने की दुआएं ज्यादा मांग रहे हैं। हालांकि जो चुनाव लड़ रहे हैं वह क्या सोच रहे हैं यह तो साफ नहीं है, क्योंकि यह उनका अपना फैसला न होकर पार्टी का फैसला है। दरअसल, भाजपा ने अपने एक केंद्रीय मंत्री को विधानसभा चुनाव में उतारा है। अगर वह चुनाव जीत जाते हैं तो उनको केंद्रीय मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा और जिस राज्य से चुनाव लड़ रहे हैं वहां क्षेत्रीय दलों का दबदबा है। भाजपा भी वहां गठबंधन में जूनियर पार्टनर है। वैसे भी उस राज्य के इतिहास में क्षेत्रीय दल, राष्ट्रीय दलों को सत्ता में साझेदार नहीं करते हैं। ऐसे में राज्य में सरकार बनने की नौबत आने पर भी स...
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