आजमगढ़, मई 1 -- चक्रपानपुर, हिन्दुस्तान संवाद। राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर में एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) की सुविधा न मिलने से मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां पर करीब 13 साल से लाखों रुपये की लागत से भवन बनकर तैयार है। जरूरत पड़ने पर लोगों को बाहर से एमआरआई करानी पड़ती है। अस्पताल प्रशासन को मशीन मिलने का इंतजार है। राजकीय मेडिकल कालेज में एक दिन में करीब ढाई से तीन हजार लोग ओपीडी में उपचार के लिए आते हैं। 550 बेड के अस्पताल में मरीज हमेशा भरे रहते हैं। गंभीर मरीजों को एमआरआई की जरूरत पड़ती है। इस जांच के लिए मरीज को भटकना पड़ता है। 13 साल पूर्व 2013 में रेडियोलॉजी विभाग की स्थापना की गई थी। एक ही छत के नीचे एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा के लिए अलग-अलग कक्ष मानक के अनुसार तैयार किए गए हैं। यहां ...