इटावा औरैया, मार्च 23 -- हिंदुस्तानी अकादमी व राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के प्रो रूपेश कुमार सिंह ने कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, एक इंडस्ट्री भी है। उन्होंने हिंदी की विकास यात्रा के विविध आयामों पर चर्चा की और सिनेमा की विकास यात्रा के बारे में भी बताया। इस दौरान राजीव कुमार, गौरी, सचिन, ज्योत्सना सहित कुल 10 शोध-पत्र पढ़े गए। तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता डॉ विशाल पाण्डेय ने हिंदी सिनेमा में राष्ट्रवाद और गीत पर बात रखी। विजया सिंह ने समानांतर सिनेमा और ओटीटी के दौर में बदलते गीतों पर बात की तो संध्या द्विवेदी और अनुपम सिंह ने हिंदी सिनेमा के प्रभाव के बारे में बताया। अंकिता यादव ने हाशिए के समाज और सिनेमा पर शो...
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