सीतामढ़ी, अप्रैल 24 -- सीतामढ़ी। सीतामढ़ी की पावन धरती पर स्थित राघोपुर बखरी का 834 वर्ष पुराना श्रीराम-जानकी मठ अब अपने इतिहास के साथ एक नए अध्याय में प्रवेश करने जा रहा है। सदियों से आस्था का केंद्र रहा यह मठ अब जीर्णोद्धार और विस्तार के जरिए न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और शोध गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। इतिहास के पन्नों में दर्ज यह मठ माता सीता की जन्मस्थली क्षेत्र से जुड़ी आस्था का प्रतीक रहा है। वर्षों से यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन समय के साथ इसकी संरचना जर्जर होती चली गई। अब इसे संरक्षित करने और इसकी भव्यता को फिर से जीवंत करने की योजना तैयार की गई है। यह भी पढ़ें- Sita Navami 2026 : सीता नवमी कल, नोट कर लें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, उपाय से लेकर सबकुछ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रस्त...
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