मुंबई, अप्रैल 25 -- आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने से भूचाल आ गया है। अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम इस झटके से सकते में आ गए हैं। इस मामले ने पार्टी की अंतर्कलह को सतह पर ला दिया और इतनी बड़ी फूट के तौर पर सारी चीजें उजागर हुई हैं। इस मामले में समाजसेवी अन्ना हजारे का बयान भी आया है। उनके ही भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकलकर आम आदमी पार्टी बनी थी और वह राजनीतिक दल के गठन को लेकर असहमत थे। अन्ना हजारे का कहना है कि इन सांसदों के पार्टी छोड़ने का मतलब है कि सब कुछ सही नहीं चल रहा है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखे का हक है। चड्ढा और अन्य लोगों को कुछ परेशानी हुई होगी, तभी उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह AAP की लीडरशिप की कमी है। यदि पार्टी सही ...