नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- आम आदमी पार्टी और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को जितना बड़ा झटका लगा उसकी कल्पना संभवत: किसी ने नहीं की थी। हालांकि, राघव चड्ढा ने 21 दिन पहले ही पार्टी में आने वाले इस 'सैलाब' का संकेत दे दिया था, जिसे कोई समझ नहीं पाया या फिर किसी दरकिनार गए नेता की गुस्से में दी गई प्रतिक्रिया भर सोचकर नजरअंदाज किया गया। राघव चड्ढा ने वक्त आने पर सैलाब लाने की चेतावनी उसके अगले दिन ही दे दी थी जब उन्हें डिप्टी लीडर के पद से हटाते हुए राज्यसभा में उनके बोलने पर रोक लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच खटास तो लंबे समय से थी लेकिन बात गुपचुप ही थी। अरविंद केजरीवाल की कथित शराब घोटाले में गिरफ्तारी से लेकर ट्रायल कोर्ट से मिली राहत तक पर राघव चड्ढा की चुप्पी पार्टी को असहज कर रही थी। महीनों तक बर्दाश्त करने...
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