नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ दी। बड़ी रणनीतिक चालाकी के साथ, अपने साथ छह अन्य सांसदों को लेकर वह भाजपा में चले गए। पिछले कुछ दिनों से जो घटनाक्रम चल रहे थे, उससे इसकी आशंका तो थी। लेकिन शुक्रवार को इस पर मुहर लग गई। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या राघव चड्डा और छह अन्य सांसदों के पार्टी छोड़ने से आप को नुकसान होगा? क्या इनमें से कोई भी जमीनी नेता था? आइए इन सवालों का जवाब विस्तार में जानते हैं... सबसे पहले राघव चड्ढा की बातचूंकि इस बागी गुट के अगुवा, राघव चड्ढा हैं तो बात उन्हीं से शुरू करते हैं। राघव चड्ढा, युवाओं में कुछ मशहूर रहे हैं। पिछले कुछ वक्त में उन्होंने राज्यसभा में बतौर उपनेता, यूथ सेंट्रिक बातें उठाईं। इनमें डेटा रोल ओवर समेत कुछ मुद्दे चर्चा का विषय भी बने। लेकिन उनकी जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है, यह सव...