राग तोड़ी की बंदिशों में बंध खुद को भूल गए श्रोता
मेरठ, अगस्त 20 -- 'अब मोरे राम...', 'जा जा रे जा...', 'तुम संग लागी रटना मोरी...'। राग तोड़ी की बंदिशों को जब पंडित सत्यशील देशपांडे ने मंच से पेश किया, श्रोता खुद को भूल बैठे। देशपांडे ने राग तोड़ी की विभिन्न बंदिशों से विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत की गहराइयों का अनुभव कराया। सुभारती विवि के संगीत एवं ललित कला संकाय के मंच कला विभाग द्वारा आयोजित शास्त्रीय संगीत कार्यशाला में विद्यार्थियों को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा, रागों की बारीकियों और बंदिशों की विविधता के प्रशिक्षण में देशपांडे ने श्रोताओं केा मंत्रमुग्ध कर दिया। शुभारंभ कुलपति प्रो. विनय कुमार मित्तल, उपकुलपति मुनिश रेड्डी, ललित कला संकाय डीन प्रो. पिंटू मिश्रा एवं विभागाध्यक्ष प्रो. भावना ग्रोवर ने दीप प्रज्वलन से किया। गायन विभाग के विद्यार्थियों ने सरस्व...
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