सोनभद्र, मई 9 -- बीजपुर,हिंदुस्तान संवाद। एनटीपीसी रिहंद के राख बांध से राख निस्तारण के नाम पर क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप के साथ बड़ा खिलवाड़ शुरू हो गया है। बीजपुर पुनर्वास के समीप सिरसोती गाँव के महुआबारी में कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से न केवल नियमों को ताक पर रखा जा रहा है, बल्कि पहाड़ों व पेड़ों को काट कर पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचाई जा रही है। बीजपुर के महुआबारी और शांतिनगर बस्ती के आस-पास बड़े-बड़े पहाड़ों को काटकर पहले वहां से मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे मौके पर गहरे गड्ढे और खाईयां बन गई हैं। अब इन्हीं गड्ढों को एनटीपीसी की राख से भरा जा रहा है। यह भी पढ़ें- सेंचुरी क्षेत्र में केंदु पत्तों पर वन माफियाओं की नजर स्थानीय लोगों का आरोप है कि राख निस्तारण की आड़ में पहाड़ों का अस्तित्व ही मिटाया जा रहा है। पहाड़ों की कटिंग के...
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