राखी
रांची, अगस्त 27 -- रांची,संवाददाता। नौकरी और पढ़ाई ने भाइयों को बहनों से सैकड़ों किलोमीटर दूर कर दिया है, लेकिन राखी का त्योहार आते ही यह दूरी छोटी पड़ जाती है। सालभर फोन और वीडियो कॉल पर बात करने वाले भाई 28 अगस्त को अपनी बहन की कलाई पर राखी बांधने के लिए घर लौट रहे हैं। कोई दिल्ली से चला, कोई रांची से बनारस , तो कोई कोलकता से पहुंचा। सफर लंबा था, रास्ते में परेशानियां भी थीं, लेकिन घर पहुंचने की जल्दी में किसी को थकान की परवाह नहीं थी। वजह थी- बहन की हाथों से अपने कलाई पर राखी बांधवाने की चाहत。 यह भी पढ़ें- Ranchi News: राखी-मिठाइयों के बाजारों से लेकर बस और रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़भाई-बहनों की दूरी रांची के कई परिवारों के बेटे-बेटियां पढ़ाई और नौकरी की वजह से अपने घर से दूर रांची और कोलकता में रहते हैं। उन्होंने बताया की नौकरी में छ...
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