संवाददाता, सितम्बर 9 -- UP News: जिस इकलौते भाई की कलाई पर महज 10 दिन पहले चार बहनों ने राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की दुआ मांगी थी, उसकी मौत पर बहनों ने सभी रूढ़ियों को पीछे छोड़कर अंतिम संस्कार करने की ठानी। मंगलवार को उसी भाई की अर्थी को कंधा देते समय उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। औरैया के मुक्तिधाम पहुंचकर बहन प्रियांशी ने अंतिम संस्कार की विधि पूरी कर कांपते हाथों से भाई की चिता को मुखाग्नि दी। दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला हॉस्टल की इमारत गिरने से दिबियापुर निवासी दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र पवन कुमार की जान चली गई थी। दिल्ली से पवन का शव सोमवार देर रात दिबियापुर स्थित घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। वह रिटायर्ड होम्योपैथी फार्मासिस्ट विशंभर सिंह के इकलौते बेटे और चार बहनों के इकलौता भाई था। भाई का शव देखते ह...