बिजनौर, अगस्त 4 -- करीब आठ वर्ष पुराने चर्चित राकेश हत्याकांड में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। गवाही देने की रंजिश में हुई इस हत्या के मामले में 16 गवाहों की गवाही और 186 से अधिक सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। मामला 27 सितंबर 2018 का है। राणा नगला निवासी राकेश कुमार अपनी पत्नी मंतोष देवी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में गांव बेरखेड़ा के पास आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। घटना में मंतोष देवी पर भी जानलेवा हमला किया गया, लेकिन वह बच गईं। अभियोजन के अनुसार हत्या का कारण पहले के एक हत्याकांड में राकेश द्वारा गवाही देना था। आरोपियों ने उन्हें कई बार मुकदमे की पैरवी छोड़ने की धमकी भी दी थी。 यह भी पढ़ें- फैसला: राकेश हत्याकांड में आठ दोषि...