बांदा, जुलाई 7 -- बांदा, संवाददाता। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की यादें समेटे राइफल क्लब मैदान को बचाने के लिए ढाई दशक का संघर्ष आखिर रंग लाया। हाईकोर्ट ने 8,825.70 वर्ग मीटर के राइफल क्लब मैदान की आधी जमीन पर व्यवसायिक उपयोग पर रोक लगा दी है। साथ ही पिछले माह अवैध तरीके से मैदान में प्रदर्शनी संचालत करने पर अधिकारयों से जवाब भी मांगा। इस मैदान पर अब पहले की तरह खेल की गतिविधियां संचालित हो सकेंगी। ब्रिटिश काल में शहर के एक मुस्लिम जमींदार परिवार ने बाबूलाल चौराहा स्थित करीब नौ हजार वर्गमीटर भूमि पुलिस लाइन और चांदमारी के अस्थायी संचालन के लिए दी थी। बाद में यहां खेल गतिविधियां शुरू हुईं, लेकिन वर्ष 2000 के दशक में बांदा विकास प्राधिकरण ने यहां अपना अस्थायी कार्यालय बना लिया और जमीन पर दावा कर दिया। मैदान बचाने के लिए लल्लू खां समेत खेल...