निशि कांत। रांची, नवम्बर 25 -- रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र के करमटोली निवासी बिमल भगत के पास से जब्त 100 ग्राम गांजा का मुकदमा पांच साल तक चला। एनडीपीएस मामले के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे पहले से काटी गई न्यायिक हिरासत की अवधि (30 दिन) को ही सजा मानकर रिहा करने का आदेश दिया। गौरतलब हो कि गिरफ्तारी के बाद युवक को जेल भेजा गया था, जिसके 30 दिन बाद जमानत मिली थी। अधिवक्ता ने कहा कि सुनवाई के दौरान ही वह दोष स्वीकार लेता तो समय और पैसे दोनों की बचत होती। हाल में ही इसी तरह के कई मुकदमों में आरोपी ने दोष स्वीकार कर लंबे समय तक कोर्ट का चक्कर लगाने से बचा है, जो बिमल नहीं कर पाया। बिमल भगत घटना के समय लगभग 28 वर्ष का था और 100 ग्राम गांजा (कैनाबिस सैटिवा के फ्लावरी और फ्रूटिंग टॉप्स) के अवैध कब्...
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