बलरामपुर, फरवरी 27 -- गैड़ास बुजुर्ग, संवाददाता। मुक़द्दस माहे रमज़ान की फज़ीलत बयान करते हुए मौलाना अहमद रज़ा मरकज़ी ने कहा कि रमज़ान का पूरा महीना अल्लाह तआला की खास रहमतों और बरकतों से भरपूर होता है। यह महीना सिर्फ रोज़ा रखने का नाम नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सब्र, परहेज़गारी और इबादत का महीना है। उन्होंने बताया कि अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों में तक्सीम किया है, जिनमें हर अशरे की अपनी खास अहमियत और मक़सद है। मौलाना ने कहा कि पहला अशरा पहले दस दिनों पर आधारित है जो रहमत का अशरा कहलाता है। इस दौरान अल्लाह अपने बंदों पर विशेष कृपा और रहमत नाज़िल करता है। मौलाना ने कहा कि इन दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत, तिलावत-ए-कुरआन, ज़िक्र और दुआ करनी चाहिए ताकि इंसान अल्लाह की रहमत का हकदार बन सके। उन्होंने बताया कि माहे रमज़ान के नौ रोज़े...
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