जमुई, मार्च 10 -- झाझा, निज संवाददाता मुस्लिम भाईयों का पाक महीना रमजान परवान चढ़ रहा है। माहे रमजानुल का यह पाक महीना रहमत,बरकत व अल्लाहताला की इबादत का महीना माना जाता है। गुनाहों व तमाम बुराइयों से मुकम्मल परहेजगारी का नाम है रोजा। माह-ए-रमजान के इस्तकबाल की तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। रमजानुल मुबारक का मुकद्दस (पवित्र)महीना दीदार-ए-चांद के साथ ही शुरू हो जाता है। नमाजियों को नमाज अतायगी में किसी किस्म की भी तकलीफ न हो,इस पहलू को ले मुकम्मल तैयारी व मस्जिदों में साफ-सफाई की जाती है। बाजार सेहरी व इफ्तार के सामानों से गुलजार हैं। पांचों वक्त की नमाज व तरावीह आदि के साथ पूरे एक माह तक अल्लाद की इबादत में ही मशगुल रहने का पैगाम देने वाला यह पाक महीना साल के तमाम बारहों महीनों में अव्वल माना जाता है।बेहद ही पाक व अफजल माह होता है रमजान,...