मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 9 -- मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच में पढ़ाई करते हुए मरीजों के इलाज में मदद करने वाले पारा मेडिकल छात्र दोहरी दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। एक तो मेडिकल कॉलेज में इनके रहने के लिए हॉस्टल का इंतजाम नहीं है, दूसरी ओर छह साल से स्टाइपेंड का पैसा नहीं मिला है। विद्यार्थियों का कहना है कि इससे उनपर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। दूसरी ओर ये मानसिक रूप से भी परेशान हैं, क्योंकि पारा मेडिकल बोर्ड समय पर इनकी परीक्षा नहीं लेता, जिससे ये नौकरी के अवसरों से चूक रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि विभिन्न विभागों में इलाज में सहयोग करते हैं, लेकिन पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशानी उठानी पड़ती है। इमरजेंसी में शौचालय नहीं होने से छात्राओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। विद्यार्थियों ने मेडिकल कॉलेज और बोर्ड दोनों से समस...