सहारनपुर, दिसम्बर 7 -- गंगोह। हजरत कुतबे आलम के उर्स की तैयारियों का सिलसिला दरगाह परिसर में रस्म तौशा शरीफ की रस्म अदायगी के साथ शुरू हो गई है। रस्म तौशा शरीफ पर सज्जादानशीन महताब आलम कुद्दुसी ने प्रकाश डालते हुए बताया कि हजरत मौहम्मद साहब की शिक्षा के अनुसार अखलाक, किरदार, मोहब्बत व इंसानियत के उसूलों पर चलकर इन बुजुर्गों को ऊंचा मुकाम मिला। शुरूआत नात-ए-पाक से हुई, कुल शरीफ और दुआ कराई गई। लंगर का भी आयोजन किया गया। तौशा शरीफ की रस्म में मोहम्मद यासिर, शादाब जहां, मोहम्मद सुहेल के अलावा दूर दराज से आए लोग भी शामिल रहे। इससे पहले दरगाह पर गुस्ल अदा की गई। खानकाह कुरैश मियां में भी तौशा की रस्म हुई। सलीम फरीदी, कलीम फरीदी, आसिफ, राशिद आदि शामिल रहे। उधर हजरत कुतबे आलम, शेख दाउद, शेख सादिक, मामू मौला बख्श, शेख अबु सईद की दरगाहों पर हो रही...
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