अलीगढ़, जनवरी 23 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। कृष्णांजलि नाट्यशाला में गुरुवार को 87वां जनपदीय आयुर्वेदिक सम्मेलन व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सम्मेलन में आयुर्वेदाचार्यों ने बीमारियों से दूर रहने के घरेलू उपाय बताए। मुख्य अतिथि एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि घरों की रसोई स्वयं आयुर्वेद का खजाना है। सौंठ, सौंफ, अजवाइन, काला नमक, सेंधा नमक, जीरा, हींग, मेथी और काली मिर्च जैसे घरेलू मसालों से अनेक असाध्य रोगों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी समस्या पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित फास्ट फूड की बढ़ती प्रवृत्ति है, जिससे लोग पारंपरिक घरेलू भोजन से दूर होते जा रहे हैं। पंचकर्म आयुर्वेदाचार्य डॉ. हितेश कौशिक ने कहा कि असंतुलित आहार-विहार के कारण हृदयाघात, पक्षाघात जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। सं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.