सिद्धार्थ, अप्रैल 1 -- लोटन, हिन्दुस्तान संवाद। रसोई गैस के संकट ने बाहर कमाने गए कामगारों के साथ-साथ उनके साथ रह रहे परिवारों के लिए भी बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। रसोई गैस की किल्लत बढ़ी तो भोजन तैयार करना मुश्किल हो गया। पेट की आग नहीं बुझ पा रही थी तो गांव की राह देखना ज्यादा मुनासिब लगा।मोहाना थाना क्षेत्र के मुसुक्काबाद गांव की रहने वाली रोशनी अपनी तीन लड़कियों, ससुर और पति के साथ तीन माह पूर्व घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद लेकर गए मुंबई के वसई गई थी। वह परिवार के साथ रहती थी ताकि परिवार वालों को काम से वापस आने पर भोजन बना कर खिला सके। परिवार के पुरुष सदस्य वहां पर मेहनत मजदूरी करते थे। रोशनी के मुताबिक वहां पर रसोई गैस की बहुत किल्लत हो गई। पति को सुबह से लंबी लाइन लगाने के बावजूद गैस नहीं मिल पा रही थी। कई दिन ऐसा ही करना ...
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