गया, मार्च 17 -- पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर स्पष्ट दिख रहा है। गया जी में भी रसोई गैस की किल्लत से शहरवासी हलकान हैं। नंबर नहीं लगने, नंबर लगने के बाद डीएसी कोड नहीं आने और कोड आने वाले के बाद भी वेंडर के नहीं पहुंचने की शिकायत आम हो गयी है। रसोई गैस सिलेंडर की मारामारी से बचने के लिए शहरवासी इंडक्शन का सहारा ले लिया है। हाल के सात दिनों में घरों में रसोई गैस के चूल्हे के साथ-साथ इंडक्शन भी दिख रहा है। ऐसी स्थिति में बिजली की खपत बढ़ गयी है। इस वक्त गया जी शहर में सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20 फीसदी बिजली की खपत बढ़ गयी है। पहली बार इंडक्शन पर बना रही खानारसोई गैस की किल्लत के बीच गृहिणी अब इंडक्शन से खाना बना रही है। शहर के गेवाल बिगहा के गृहिणी संगीता सिन्हा व बच्ची सोनाली रमण ने बताया कि लड़ाई के कारण रसोई गैस की किल्लत बनी...
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