हरिद्वार, मार्च 16 -- एलपीजी संकट का असर अब आम घरों की रसोई से लेकर होटल-ढाबे तक नजर आने लगा है। जहां उपभोक्ताओं के थाली-टिफिन में रोटियों की संख्या घट गई है, वहीं कई होटल-रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक कोयले की भट्टी का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं। कुछ जगह नाश्ते के पसंदीदा आइटम भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। सिडकुल में नौकरी करने वाले नवदीप सिंह नेगी ने बताया कि वे रोज टिफिन लगवाते हैं। पहले टिफिन में चार रोटियां आती थीं, लेकिन अब टिफिन संचालक सिर्फ दो रोटियां दे पा रहा है। पूछने पर टिफिन वाले ने स्पष्ट कहा कि एलपीजी संकट के कारण अभी इतनी ही रोटियां बन पा रही हैं। शहर के कई छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों में भी यही हाल है। रेस्टोरेंट संचालक पंकज ने बताया कि एलपीजी समय पर नहीं मिल पा रही है, जिसके चलते उन्होंने कोयले की भट्टी लगा ली है। इसस...
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