रवि प्रदोष व्रत कथा 2026 हिंदी में: इस कथा के बिना अधूरी है शिव पूजा, प्रदोष काल में करें पाठ
नई दिल्ली, जुलाई 11 -- Ravi Pradosh Vrat Katha: 12 जुलाई को रवि प्रदोष व्रत रखा जाएगा। ये व्रत और इस दिन की पूजा प्रदोष व्रत की कथा के बिना एकदम अधूरी है। मान्यता है कि रवि प्रदोष व्रत पर पूजा और व्रत रखने से भगवान शिव के साथ-साथ सूर्यदेव का भी आशीर्वाद मिलता है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन को सच्ची श्रद्धा और मन से पूजा करता है उसकी जिंदगी की सारी दिक्कतें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। इस व्रत से जुड़ी एक पुरानी कथा है जिसे इस दिन पढ़ना बहुत ही शुभ माना जाता है। नीचे पढ़ें रवि प्रदोष व्रत की कथा- रवि प्रदोष व्रत की कथा के अनुसार एक गांव में गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ रहता था। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी अच्छी नहीं थी। घर का खर्च भी बड़ी ही मुश्किल से चलता था। हालांकि ब्राह्मण की पत्नी भगवान शिव को पूजत...
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