पटना, मार्च 22 -- बिहार दिवस पर रविवार को शिक्षा विभाग ने रविंद्र भवन में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें गीत-संगीत से लेकर नाटक का मंचन किया गया। भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर की कालजयी रचना 'गबरघिचोर' की आकर्षक प्रस्तुति हुई। अभिषेक राज के निर्देशन में युवा कलाकारों ने अभिनय का बेहतरीन प्रदर्शन दिया। कहानी के शुरूआत में एक व्यक्ति शादी के तुरंत बाद पत्नी छोड़ कर कमाने के लिए घर से दूर चला जाता है। वह पत्नी की कोई खबर नहीं लेता है। इसके बाद वह अन्य व्यक्ति संबंध में आ जाती है और एक बेटे 'गबरघिचोर' को जन्म देती है। उसका पति जब घर लौटता है तो बच्चे पर हक जमाने की कोशिश करता है। इसके बाद हक जमाने की लड़ाई शुरू होती है। बाद में सामाज के पंचायत के पास मामला जाता है। पंचायत में कोई जैविक पिता तो कोई मां की ममत...
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