रमा एकादशी चिंतामणि और कामधेनू के समान सभी मनोकामना पूर्ण करने वाली, अगले दिन गोवत्स द्वादशी
नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- इस साल रमा एकादशी व्रत 5 नवंबर को मनाया जाएगा। आचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार एकादशी तिथि सुबह 10:10 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी शुरू होगी। आपको बता दें कि इस साल रमा एकादशी 5 नवंबर को और गोवत्स द्वादशी 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। दरअसल एकादशी का व्रत उस दिन करना शुभ होता है जब द्वादशी तिथि एकादशी में लग रही हो। एकादशी उस दिन नहीं मानाया जाता है जब दशमी तिथि उसमें लग रही हो। कार्तिकके कृष्णपक्षमें जो परम कल्याणमयी एकादशी होती है, वह रमा के नामसे विख्यात है। रमा परम उत्तम है ओर बड़े-बड़े पापों को हरने वाली है। ऐसा कहा जाता है कि इस एकादशी का जो व्रत रखता है, वो सभी कामनाओं की पूर्ति कर लेता है और अंत में बैकुंठ धाम को जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि यह एकादशी चिन्तामणि तथा कामधेनु के समान सब मनोरथोंको पूर्ण क...
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