सीवान, मार्च 17 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। रमजान उल मुबारक का पाक व बरकत महीना चल रहा है। जहां सोमवार को रोजेदारों ने 26 वां रोजा रख खुदा की बारगाह में इबादत की। इस पाक व बा बरकत महीने के बारे में जानकारी देते हुए हसनपुरा बड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज वज़ीर आजम साहब ने बताया कि इस पाक महीने में अगर किसी मुसलमान की मौत हो जाती है तो उसके रूह को काफी सकून व आराम मिलता है और उन्हें सजा नहीं दी जाती। बल्कि उन्हें अल्लाह के दरबार में बेहतर तरीके में रखा जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि रमजान का महीना इस्लाम में बहुत ही पाकीज़गी वाला माना जाता है, और इस दौरान इबादत और नेक कामों को खास अमल वाला दिया जाता है। उन्होंने कहा कि रमजान में हर मुसलमान को पांच वक्त की नमाज पाबंदी के साथ पढ़नी चाहिए। इन पांच नमाजों में फजर, जुहर, असर, मगरिब और ईशा की नमाज शाम...
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