गाजीपुर, मार्च 6 -- जमानियां। रमजान माह के तीसरे जुमे को मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भरी रहीं। शाही जामा मस्जिद में 12.30 बजे से ही नमाजियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। एक बजे से पहले ही शाही जामा मस्जिद भर गई। छत पर भी नमाज अदा की गई। कारी शमशीर साहब खिजिरपुर ने नमाज अदा कराई। उन्होंने तकरीर में कहा कि रमजान माह का दूसरा असरा भी खत्म होने के करीब होने को है। इसके बाद जहन्नुम से खलासी का तीसरा असरा शुरू होगा। रमजान माह के आखिरी दस दिनों ने नबी-ए-करीम ने ऐतकाफ फरमाया था। जिसका सिलसिला आज भी कायम है। इबादत की नियत से अल्लाह की रजा हासिल करने के लिए अल्लाह के घर में कयाम करने को ऐतकाफ कहते हैं। शमशीर साहब ने कहा कि इसकी तीन किस्में हैं। एक तो लोग बोल देते हैं कि मेरा यह काम हो जाए। तो ऐतकाफ करुंगा। काम होने पर ऐतकाफ वाजिब हो जाता है। र...
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