रमजान के दूसरे जुमा पर मस्जिदों में अमन चैन की दुआ मांगी
पूर्णिया, फरवरी 28 -- बैसा-अमौर, एक संवाददाता। बैसा और अमौर प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों में रमज़ान उल मुबारक के दूसरे जुमा की नमाज़ पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। सुबह से ही मस्जिदों में नमाज़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी। रोज़ेदारों ने वुजू कर पाक-साफ कपड़े पहने और बड़ी तादाद में अल्लाह की इबादत के लिए मस्जिदों का रुख किया। जुमा की नमाज से पहले इमामों ने अपने खुत्बे में रमज़ान के दूसरे अशरे, जिसे मगफिरत का अशरा कहा जाता है, की अहमियत बयान की। उन्होंने कहा कि रमज़ान सब्र, रहमत और आत्मशुद्धि का महीना है। रोज़ा इंसान को परहेजगार बनाता है और समाज में भाईचारे, हमदर्दी और आपसी मोहब्बत को बढ़ावा देता है। उलेमाओं ने बताया कि रमजान इस्लामी साल का सबसे पवित्र और बरकतों भरा महीना है, जिसमें अल्लाह तआला अपने बंदों पर खास रहमतें नाजिल करता है...
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