औरैया, मार्च 18 -- फफूंद, संवाददाता। पवित्र माह रमजान अपनी तमाम बरकतों और रहमतों के साथ रुखसत होने को है। जैसे-जैसे इस मुबारक महीने की विदाई का वक्त करीब आ रहा है, रोजेदारों में एक ओर जहां ईद की खुशी है, वहीं रमजान के जाने का गम भी साफ नजर आ रहा है। मस्जिदों की रौनक, सहरी-इफ्तार की बरकतें और इबादत का सिलसिला अब यादों में सिमटता जा रहा है। आस्ताना आलिया समदिया फफूंद शरीफ के मौलाना सैयद मुजफ्फर चिश्ती ने रमजान की आखिरी घड़ियों को लेकर कहा कि यह महीना अल्लाह की खास रहमतों और मगफिरत का महीना होता है। इसमें की गई इबादत और नेकियों का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है और बंदों के लिए जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि रमजान के रुखसत होने पर हर मुसलमान के दिल में मायूसी और उदासी होना स्वाभाविक है, क्योंकि पूरे महीने की इबादत, मस्जिदों क...