पाकुड़, मार्च 10 -- प्रखण्ड मुख्यालय के जामा मस्जिद, पाकुड़िया में तरावीह के इमाम हाफ़िज़ रिज़वान साहब ने नमाज़ियों को बताया कि रमज़ान का आख़िरी अशरा शुरू हो चुका है और आज 20 रोज़े मुकम्मल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन आख़िरी दिनों की हर रात बहुत क़ीमती है, इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह ज़्यादा से ज़्यादा इबादत करे और लैलतुल क़द्र की तलाश में रातों को जागकर अल्लाह से दुआ करे। कहा कि रमज़ान का आख़िरी अशरा बहुत ही बरकत और रहमत वाला होता है। इन्हीं दिनों में लैलतुल क़द्र (शब-ए-क़द्र) की रात आती है, जो हज़ार महीनों से बेहतर बताई गई है। इसलिए मुसलमान इन दिनों में इबादत, कुरआन की तिलावत, ज़िक्र, दुआ और इस्तिग़फ़ार में ज़्यादा से ज़्यादा वक्त बिताते हैं, ताकि अल्लाह की रहमत और मग़फ़िरत हासिल कर सकें। पैगंबर हज़रत मुहम्मद इन आख़िरी दस दिनों मे...
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