औरैया, मार्च 10 -- फफूंद, संवाददाता। पवित्र माह रमजान का अंतिम अशरा मंगलवार से शुरू हो गया। इसके साथ ही नगर की मस्जिदों में रोजेदार एतिकाफ में बैठ गए हैं। रमजान के 20वें रोजे को मगरिब की नमाज से पहले रोजेदार एतिकाफ की नियत कर मस्जिदों में दाखिल हो गए और अब वे ईद का चांद दिखाई देने तक यहीं रहकर इबादत करेंगे। इस दौरान एतिकाफ में बैठे लोग दुनियावी कामों से अलग होकर नमाज, कुरआन शरीफ की तिलावत, जिक्र और दुआ में अपना अधिकांश समय बिताते हैं। नगर की प्रमुख मस्जिदों में हर वर्ष की तरह इस बार भी कई रोजेदार एतिकाफ में बैठे हैं। एतिकाफ में बैठने वाले लोग मस्जिद के अंदर ही रहते हैं और अत्यंत आवश्यक कारण के अलावा बाहर नहीं निकलते। उनका मुख्य उद्देश्य रमजान की सबसे बरकत वाली रात शबे कद्र को पाना होता है। इस रात के बारे में कुरआन शरीफ में बताया गया है कि...
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