रामपुर, मार्च 7 -- रमज़ान उल मुबारक के तीसरे जुमे को शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में अकीदत और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर की सभी मस्जिदों में नमाज़-ए-जुमा अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में रोजेदार और नमाजी सुबह से ही पहुंचने लगे। जामा मस्जिद में नमाज़ के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे और नमाजियों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। जामा मस्जिद में इमाम-ए-रमज़ान और काज़ी-ए-शहर मौलाना सय्यद अहमद अली उर्फ मियां ने नमाजियों को खिताब करते हुए कहा कि रमज़ान का दूसरा अशरा भी अब हमसे जुदा होने जा रहा है और मुसलमान तीसरे अशरे में दाखिल होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि रमज़ान का आखिरी अशरा जहन्नुम से नजात का अशरा माना जाता है और इस दौरान इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।उन्होंने बताया कि आखिरी अशरे में हजरत मोहम्मद साहब ने ऐतिकाफ़ फरमाया है, इसलिए हर मोहल्ल...