प्रयागराज, फरवरी 10 -- प्रयागराज। जवाहर बाल भवन ने भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को जीवंत स्वरूप में दिखाए जाने की अपनी पहल को पूरा कर लिया है। यहां आने वालों को यहां की दीवारों पर रद्दी कागज से निर्मित अजंता, एलिफेंटा गुफा की मूर्तियों व मरणासन्न राजकुमारी सहित कई ऐसी अनूठी कृतियां देखने को मिलेंगी, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करेंगी। बाल भवन में पिछले दो महीने से क्ले माडलिंग विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित करके छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इसमें से दसवीं की अदिति त्रिपाठी, शीतल कुमारी व कलश धूरिया अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट अजय गुप्त की देखरेख में रद्दी कागज से दीवार पर वास्तविक मूर्तियां उकेर रही थीं। सात फरवरी तक तीनों छात्राएं दीवारों पर गीले पेपर का इस्तेमाल कर रिलीफ वर्क (वाल म्यूरल स्टाइल) में मूर्तियां बना चुकी हैं...