नई दिल्ली, मार्च 27 -- रत्न शास्त्र ज्योतिष की एक प्राचीन शाखा है, जिसमें नवग्रहों यानी सूर्य से केतु तक के साथ रत्नों का गहरा संबंध बताया गया है। लेकिन बिना ज्योतिष सलाह के रत्न पहनना जोखिम भरा है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक रत्न किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसे माणिक्य रत्न सूर्य देव का प्रतिनिधित्व करता है। आज हम आपको नीलम रत्न के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका संबंध शनि देव से है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जो भी व्यक्ति नीलम रत्न पहनता है, उसको सभी भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही व्यक्ति समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा पाता है। चलिए जानते हैं कि नीलम रत्न किसे और कब, कैसे धारण करना चाहिए। यह भी पढ़ें- करियर में तगड़ी तरक्की के लिए पहने ये 3 रत्न, पढ़ें धारण करने के नियमनीलम इन राशियों को शुभ अगर किसी व्यक्...
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