प्रयागराज, मार्च 5 -- हनुमानगंज, हिन्दुस्तान संवाद। बहादुरपुर ब्लॉक के दक्षिणी कोटवा में होली एक ऐतिहासिक घटना से जुड़ी होने की वजह से वर्षों से विजय पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। बुधवार शाम होली का निकला विजय जुलूस बेलवार, जमुनीपुर, स्रोतापुर होते हुए ककरा स्थित ऋषि दुर्वासा आश्रम पहुंचा। वहां ऋषि दर्शन के उपरांत आततायी मुगल तालुकेदार मोहम्मद जफर के मजार पर रोष प्रकट कर वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाया। बताया जाता है कि 1850 में अवध के अंतिम नवाब वाजिद अली शाह के तालुकेदार मोहम्मद जफर बेहद क्रूर, अय्याश और अत्याचारी था। उसकी हरकतों से तंग आकर ग्रामीणों ने होली के ही दिन ककरा स्थित उसकी गढ़ी पर अस्त्र-शस्त्र व गुलेल लेकर चढ़ाई कर दी और भीषण संग्राम के बाद उसका अंत कर दिया था। तभी से आधा दक्षिणी कोटवां के नेतृत्व में सैकड़ों रणबांकु...