हुब्बली, फरवरी 23 -- पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंची जम्मू कश्मीर की कहानी लगन और जुझारूपन की मिसाल है लेकिन खिताब जीतने के लिये इस छिपी रूस्तम टीम को अगले पांच दिन में आठ बार की चैम्पियन कर्नाटक के खिलाफ चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा। कर्नाटक को उसके अतीत के प्रदर्शन के कारण ही प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा बल्कि इस सत्र में उसने समय-समय पर प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से जूझने के बावजूद अलग-अलग हालात में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राजकोट में सौराष्ट्र के खिलाफ पहले मुकाबले में खराब शुरूआत के बाद से कर्नाटक ने अपने मैदान पर और बाहर दमदार प्रदर्शन किया है। उसके स्टार बल्लेबाजों केएल राहुल, करुण नायर, देवदत्त पडिक्कल और रविचंद्रन स्मरण ने इस कामयाबी की कहानी लिखी है। यह भी पढ़ें- जम्मू कश्मीर ने रचा इतिहास, 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉ...
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