रटंत और उबाऊ शिक्षा प्रणाली पर व्यंग है 'बड़े भाई साहब'
बलिया, जुलाई 30 -- बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। महान कथाकार प्रेमचंद की जयंती की पूर्व संध्या पर गुरुवार को 'संकल्प' संस्था के अमृतपाली स्थित कैम्प कार्यालय पर परिचर्चा और कजरी गायन का आयोजन हुआ। इसमें टीडी कालेज में हिंदी विभाग के प्रोफेसर जैनेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'बड़े भाई साहब' रटंत और उबाऊ शिक्षा प्रणाली पर करारा व्यंग है। कहा कि जो शिक्षा केवल किताबी ज्ञान और डिग्रियों पर जोर देती है, वह मनुष्य का सर्वांगीण विकास नहीं कर सकती। यह भी पढ़ें- Agra News: प्रेमचंद जयंती की पूर्व संध्या पर बाल साहित्य पर हुई परिचर्चाकार्यक्रम का संचालन पीजी कालेज सुदिष्टपुरी (रानीगंज) के प्राचार्य प्रो. संतोष सिंह ने कहा कि 'बड़े भाई साहब' कहानी दो भाइयों के प्रेम, कर्तव्य और बड़े भाई की जिम्मेदारी का एहसास कराती कालजयी कहान...
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