आजमगढ़, मई 4 -- आजमगढ़, संवाददाता। भूमि की रजिस्ट्री कराने से पहले अब वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के बाद जैसे ही लॉगिन किया जाएगा, संबंधित गांव की खतौनी स्वत: अटैच हो जाएगी। खतौनी में दर्ज स्वामित्व की पुष्टि होने पर ही बैनामा संभव होगा। शासन ने भूमि रजिस्ट्री में हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है। जिले में लंबे समय से भूमि बैनामों में फर्जीवाड़े और विवाद के मामले सामने आते रहे हैं। अक्सर खरीदार को वास्तविक स्थिति का पता तब चलता है, जब वह दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करता है। जांच में असली स्वामित्व सामने आने पर विवाद खड़ा हो जाता है। अब सरकार ने रजिस्ट्री से पहले ऑनलाइन खतौनी सत्यापन अनिवार्य कर इस पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। नई व्यवस्था के तहत विक्रेता और क्रेता दोनों को व...