रचनात्मक लेखन समाज की संवेदनाओं को स्वर देने का सशक्त साधन:डॉ. निशंक
नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- कमला नेहरु कॉलेज में 21वीं सदी की रचनाशीलता पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरु कॉलेज में गुरुवार को '21वीं सदी में रचनात्मक लेखन के विविध आयाम' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। हिंदी विभाग और साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' थे। उन्होंने वर्तमान सदी में साहित्य,कला और संगीत की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि ये सृजनशील विधाएं मनुष्य को जिजीविषा और गतिशीलता प्रदान करती हैं।
संगोष्ठी का महत्व उन्होंने कहा कि परिवर्तनशील समय में रचनात्मक लेखन केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं, प्रश्नों और संभावनाओं को स्वर देने का सशक्त साधन है। उ...
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